दो मेगा ब्लड डोनर – वासुदेव राव का 133 वां एवं फनेंद्र जैन का 92 वां रक्तदान

किसको पता भगवान कैसा होगा
कैसी शक्ल उसकी कैसा रूप होगा
इतना यकीन है मुझे रंग रूप उसका
रक्तदान करने वाले इंसान जैसा होगा

आज 23 फरवरी 2021 को रायपुर आशीर्वाद ब्लड बैंक में बेहद दुर्लभ संयोग हुआ आज दो मेगा ब्लड स्टार, दो सुपर हीरो 25 सालो के इतिहास में पहली बार एक साथ एक समय में रक्तदान किया जिसमे वासुदेव राव सर ने अपना 133 वां रक्तदान और फनेंद्र जैन सर ने अपना 92 वां रक्तदान किया जो की अपने आप में एक महान समाजसेवा रिकॉर्ड है दोनों सुपर डोनर विगत 25 सालो से अपने अपने कार्यस्थल पर ही नही अपितु पुरे छत्तीसगढ़ के साथ देश में भी रक्तदान करते रहे है और लाखो लोगो को रक्तदान करने के लिए प्रेरित करते हुए रोजाना सैकड़ो जिन्दगी बचा रहे है लेकिन 23 फरवरी का दिन बेहद ज्यादा खास रहा जब दो दिग्गज एक साथ अपना ब्लड डोनेशन किया और एक और जिन्दगी गिफ्ट किया

  Vasudeo Rao Sir 133 Time Blood Donation
                    Fanendra Jain Sir 92 Time Blood Donation

आज जब लोग छोटी छोटी बातो के लिए अपनों का क़त्ल करके खून बहा देते है और जान ले लेते है और युवा  इश्क में छोटी छोटी बातो के लिए अपना रक्त बहा देते है लोगो के पास अपनों के लिए भी वक्त नहीं है किसी से कोई लेना देना नहीं होता जबकि समाज में कुछ ऐसे दुर्लभ लोग भी होते है जो की सिर्फ दुसरो के भलाई के लिए ही जन्म लेते है और ना जाने कितनो लोगो को निस्वार्थ रक्तदान कर जिन्दगी गिफ्ट कर देते है और रोते दर्द में तडपते लोगो को भी मुस्कान दे जाते है दोस्तों ऐसे जिन्दगी गिफ्ट देने वाले में सबसे बड़ा नाम वासुदेव राव सर और फनेंद्र जैन सर का है जो की विगत 25 सालों से समाज का निरंतर सेवा कर रहे है जिसमे वासुदेव सर 133 बार और फनेंद्र जैन जी 92 बार रक्तदान कर चुके है दोनों आज इतना ज्यादा ब्लड डोनेशन करने के बाद भी बहुत ज्यादा स्वस्थ और चुस्त दुरुस्त है आमतौर पर लोगो में यह धारणा और अन्धविश्वास है की रक्तदान करने से रक्तदाता के शरीर में कमजोरी होता है जबकि विज्ञानं और डॉक्टर ने यह सिद्ध कर चुका है की रक्तदान करने वाला व्यक्ति रक्तदान ना करने वाले व्यक्ति के तुलना में ज्यादा स्वस्थ रहता है और रक्तदान करने से हजारो बीमारी बचा जा सकता है

 

अक्सर देखा गया है की जब किसी का कोई अपना बीमार रहता है तो लोग खुद रक्तदान ना करके लोगो से रक्तदान के लिए मदद मांगते है जबकि वर्तमान समय में कोई भी इतना गरीब हो ही नहीं सकता जिसका कोई ना हो हमे इस अन्धविश्वास को तोडना होगा अगर हम अपने दोस्त के ख़ुशी में साथ जश्न मना सकते है तो दुःख में भी उनको रक्तदान कर सकते है वरना कोई मूल्य ही नहीं है ऐसे दोस्ती, रिश्तेदारी का जो सिर्फ दिखावे का ही काम आये

 

आइये आप भी सुपर ब्लड डोनर फनेंद्र जैन जी एवं वासुदेव राव सर के साथ मिलकर लोगो को जागरूक करें स्वंय भी रक्तदान कर निरोगी रहें और जरूरत मंद लोगो को भी जिन्दगी उपहार में दें आपका एक फैसला किसी का जिन्दगी बचा सकता है

 

एक जीवन भगवान देता है
दुसरा जीवन रक्तदानी देता है
रक्तदानी की भी पूजा जाए
जैसे भगवान पूजा जाता है

 

 

 

Author: Admin

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